All posts by Technical Sanket

विधवा को भी चुदने का मन करता है

दोस्तों मेरा नाम आल्या हैं मै आज अपनी कहानी Urdu Sex Stories पर आप के सामने प्रस्तुत करती हूँ। ज़िंदगी किसी के बिना काटना मुस्किल तो होता है, क्यों की चाह जीने नहीं देती, मैं 23 साल की लड़की हु, लड़की ही कहूँगी जितना मैं चदी हु शादी के बाद उससे कही ज्यादा आजकल शहर की लड़कियां चुद जाती है, शादी के 10 दिन बाद ही मेरे पति का दुर्घटना में मौत हो गया था, मैं तनहा और अकेली रह गयी थी, पहले भी मैं तनहा ही थी क्यों की दुर्घटना मे मेरे माता पिता दोनों गुजर गए, एक भाई है जो की बैंक में नौकरी करता है


जैसे शेर के मुह में खून लग जाए और वो भूखा हो तो वो और भी खतरनाक हो जाता है वही हाल मेरे साथ भी हुआ था, शादी के बाद 10 दिन तक मैं खूब चुदवाई, अभी मन भरा भी नहीं था की मेरा पति मुझे छोड़ के चला गया, ज़िंदगी गुजर बसर करने के लिए मैंने एक बुटीक खोली और सिलाई का काम सुरु कर दी, मेरा लालन पालन बहुत अच्छे तरीके से हुआ था इस वजह से मेरा चेहरा काफी सुन्दर और सेक्सी था,



मैंने बहुत ही गोरी हु, थोड़ी मोटी तो हु, मेरा शरीर पूरा भरा पूरा है, मुझे सब लोग देख के नजरे नहीं हटाते है, मैं हमेशा हाल्फ स्लीव की और टाइट ब्लाउज पहनती हु, मेरी चूचियाँ बड़ी बड़ी और उभरी हुयी है, बहुत ही सुडौल है मेरा शरीर, जब मैं चलती हु, तो मेरी चूतड़ गजब की क़यामत कर देती है, मेरे पीछे चलने बाले हाय के अलावा और कुछ भी नहीं बोलते है.


मैं इधर उधर मुह मारने का मन बना ली, मैंने Urdu Sex Stories पे कहानियां पढ़ने लगी और कई लोगो से सेक्स सम्बन्ध भी बनाई, एक कहानी थी जो की एक औरत ड्राइवर के साथ सेक्स सम्बन्ध बनायी थी, उसके कॉमेंट में से मैं चार मर्दो को मेल की, और चुदवाई भी, पर आज जो मैं आपको जो कहानी बता रही हु वो मेरी पहली चुदाई है पति के गुजर जाने के बाद.

मेरा मन रोज रात को चुदने का करता था, मैंने कुछ को Urdu Sex Stories पे दोस्त बनाई नंबर भी मैंने इसी Urdu Sex Stories से ली, और चैटिंग सुरु हो गयी, सुरुआत में तो मुझे अच्छा लगा पर बाद में बहुत ही ख़राब होने लगा,



क्यों की सारे कुत्ते मर्द उत्तेजित तो कर देते थे, मेरी चुत गीली हो जाती थी, दूसरे साइड तो मूठ मार के अपना हवस को शांत कर लेते थे पर मैं प्यासी की प्यासी ही रह जाती थी, मुझे अब बुटीक में भी मन नहीं लगने लगा, क्यों की मेरे ख्याल में हमेशा सेक्स ही रहता था,



एक दिन की बात है, मैं मैंने अपने मास्टर दरजी रमन को बोली की मैं खाना खाके आती हु, तुम और मैनम देख लेना कोई ग्राहक आये तो, मैं १ घंटे बाद आउंगी, जैसे ही मैं अपना स्कूटी निकली और गई तभी मेरे एक क्लाइंट का फ़ोन आ गया, की कल जो आप सूट देने बाली थी उससे प्लीज आज ही कर दो क्यों की मैं रात को कही बाहर जाने बाली हु, तो मैंने सोची की पहले रमन को बोल आती हु की सूट तैयार कर दे, वापस जैसे ही बुटीक पहुंची तो अंदर जाके देखि जहा पे सारे कपडे प्रेस होते है, निचे मैनम सोई थी और रमन उससे चोद रहा था, मैं साइड में पड़े के पास छिप के देखने लगी, वो जोर जोर से झटके दे दे के चोद रहा था, झटका इतना जोर से देता था की मैनम की चूच उछाल रही थी, और मुह से हाय हाय हाय मार दिया रे मर दिया रे, फट गया मेरा चुत, मर जाउंगी मैं, फाड़ दिया मेरे चुत को, ये सब सुनकर और वो जैसे अपने शरीर को कर रही थी, मुझे भी चुदने का मन करने लगा.

मेरा तन बदन में आग लग गया था, उसके बाद मै अंदर आ गई, वो दोनों खड़े हो गए मैनम कोने में बैठ गयी और अपने चूच को कपडे से ढकने लगी, और रमन फटा फटा कपडे लेके वाशरूम में चला गया, मैंने कहा साली यही तुम्हे चुदवाने को मिला था, पता नहीं मेरे मुह से गाली निकलने लगा, क्यों की मैं पहले से सोच रही थी की रमन से चुदवाउंगी पर उसपर कोई और हाथ फेर दिया था, तो मैनम बोलने लगी, मैडम अब नहीं होगा, गलती हो गई, मैंने कहा ठीक है आज तो तुम घर जाओ, नहीं तो और भी कुछ कह दूंगी.

मैनम घर चली गई, तभी रमन निकला, मैंने कहा मैं पुलिस बुलाऊंगी, तो रमन मेरे पैरो पर गिर गया बोला मैडम मुझे छोड़ दो, गलती हो गयी है, आप जो कहोगे करेंगे पर पुलिस मत बुलाना, मैंने कहा मुझे भी वैसे ही चोदना पड़ेगा, रमन एक दम मुझे घूरने लगा और बोला मैडम क्या कह रहे हो? मैंने कहा मैं वही कह रही हु जो तुमने सुना अगर नहीं सुना तो फिर सुन ले की मुझे भी वैसे हो चोदना पड़ेगा जैसे तुमने मैनम को चोदा था.



इतना सुनते ही रमन मेरे होठ को चूसने लगा और मेरी चूच को दबाने लगा, मैंने भी अपने आप को रोक नहीं पाई और अपना ब्लाउज का हुक खोल के चूची उसके मुह में दे दी, वो भी मेरे चूच को चूसने लगा और दबाने लगा, मैंने उसके जीन्स को खोल दी, और लण्ड को अपने हाथ में ले लिया.

बैठ गई और लण्ड को चूसने लगी ऐसा लग रहा था की आज मैं उसके लण्ड को खा जाउंगी फिर क्या मैंने मै दरवाजा बंद की और लेट गयी, वो मेरे ऊपर चढ़ के अपना लण्ड का सुपाड़ा मेरे चुत के ऊपर रखा और अंदर पेल दिया, हाय क्या मोटा लण्ड था, वो तो जब झटके पे झटके देने लगा मैं तो बाप बाप चिलाने लगी, और गाली भी दे रहा था कह रहा था साली रंडी कहती है मुझे भी चोद ले बर्दास्त कर मेरा लण्ड, और जोर जोर से पेले जा रहा था, मैं भी काफी दिन से चुदाई का मजा नहीं ली थी मैं भी जोश में आ गयी और मैंने उसके सर को अपने चूची में सटा ली और बोली ले मादरचोद मर चुद्वाते हुए तेरी सांस बंद कर दूंगी, और फिर ये सब भद्दी भद्दी गाली देते हुए दोनों का खल्लाश हो गया और फिर थोड़े देर तक लेटे रहे.

अब फिर क्या था, मैं सारी मान मर्यादा को भूल गयी और फिर मेरे यहाँ जितने भी दरजी आते गया मैं सब से चुद्वाते गयी, आज कल मुझे किसी चीज की कमी नहीं है ना तो पैसे की ना तो लण्ड की.

दोस्तो आपको ये Urdu Sex Story के कैसा लगा हमको कमेंट कर के बताये नीचे दी गई मेरी ईमेल पर मुझे संपर्क करें अथवा कमेंट बॉक्स में अपनी राय लिखें. और Urdu Sex Stories का मज़ा लेते रह